पेरिस समझौते के अन्तर्गत भारत की जिम्मेदारी?

भारत को पेरिस सन्धि के अन्तर्गत अक्टूबर 2015 में प्रस्तुत किए गए राष्ट्र द्वारा निर्धारित लक्षित योगदान के तहत् निम्न आश्वासनों को पूरा करना होगा:- 

  1. भारत 2005 के स्तर की तुलना में अपने यहाँ कार्बन उत्सर्जन तीव्रता में 2030 तक 33 से 35 प्रतिशत की कटौती करेगा . कार्बन उत्सर्जन तीव्रता का तात्पर्य यह है कि भारत प्रति इकाई ऊर्जा से वर्तमान की तुलना में अधिक उत्पादन करेगा . इस कटौती- लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए ऊर्जा के उपयोग में बचत को अपनाया जाएगा |
  2. भारत इसी अवधि में 2-5 से 3 बिलियन टन कार्बन को खपाने के लिए कार्बन सिंक के रूप में अतिरिक्त वन क्षेत्रों का विकास करेगा . इससे पर्यावरण में उपलब्ध कार्बन को पेड़ों द्वारा सोख लिया जाएगा |

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