राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स नीति ( 2019 )

राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स नीति ( 2019 ) क्या है?

राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स नीति ( 2019 ) क्या है? , राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स नीति ( 2019 ) देश की नई राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स नीति ( National Policy on Electronics NPE 2019 ) , फरवरी 2019 में लागू की गई है । प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केन्द्रीय मंत्रिममण्डल की 19 फरवरी , 2019 की बैठक में स्वीकृत इस नीति ने 2012 की राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स नीति ( NPE – 2012 ) का स्थान लिया है सरकार का मानना है कि 2012 की नीति की विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों के कार्यान्वयन से देश में ESDM ( Electronics System Design and Manufacturing ) Value Chain से जुड़ी नींव मजबूत हुई है . 2019 की नई नीति में इस नींव को और अधिक मजबूत करने के प्रयास किए गए हैं , ताकि देश में ईएसडीएम उद्योग के विकास की गति तेज की जा सके . इस उद्योग के महत्वपूर्ण घटकों को देश में विकसित करने की क्षमताओं को प्रोत्साहित कर एवं विश्व स्तर पर इसे प्रतिस्पर्बी वैश्विक केन्द्र के रूप में स्थापित करने के प्रयास इसमें किए है|

इलेक्ट्रॉनिक्स नीति 2019 के लक्ष्य(राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स नीति ( 2019 ) क्या है?)

नई इलेक्ट्रॉनिक्स नीति 2019 का लक्ष्य ईएसडीएम की मूल्य श्रृंखला ( Value Chain of ESDM ) में घरेलू विनिर्माण एवं निर्यात को बढ़ावा देकर वर्ष 2025 तक 400 अरब डॉलर ( लगभग ₹ 26 लाख करोड़ का कारोबार ( Turnover ) प्राप्त करना है । वर्ष 2025 तक 190 अरब डॉलर ( लगभग 13 लाख करोड़ ) के 100 करोड़ मोबाइल हैंडसेटों का उत्पादन लक्ष्य इसमें शामिल है |इनमें 110 अरब डॉलर ( ₹ 7 लाख करोड) मूल्य के 60 करोड़ मोबाइल सेट्स का उत्पादन निर्यात के लिए होगा |

प्रमुख विशेषताएँ (राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स नीति ( 2019 ) क्या है?)

  1. ईएसडीएम सेक्टर के लिए अनुकूल माहौल बनाया जाएगा तथा ईएसडीएम की समूची मूल्य श्रृंखला ( वैल्यू चेन ) में घरेलू विनिर्माण और निर्यात को बढ़ावा दिया जाएगा |
  2. प्रमुख इलेक्ट्रॉनिक कलपुर्जी के विनिर्माण के लिए प्रोत्साहन एवं सहायता दी जाएगी  |
  3. ऐसी मेगा परियोजनाओं , जो अत्यंत हाई – टेक हैं और जिनमें भारी भरकम निवेश की जरूरत है , के लिए प्रोत्साहनों का विशेष पैकेज दिया जाएगा |
  4. नई यूनिटों को बढ़ावा देने और वर्तमान यूनिटों के विस्तारीकरण के लिए उपयुक्त योजनाएं और प्रोत्साहन देने से जुड़ी व्यवस्थाएं बनाई जाएगी |
  5. इलेक्ट्रॉनिक्स के सभी उपक्षेत्रों में अनुसंधान एवं विकास और नवाचार को बढ़ावा दिया जाएगा |
  6. कुशल श्रमदत की उपलब्धता में उल्लेखनीय वृद्धि के लिए प्रोत्साहन और सहायता दी जाएगी |
  7. फैबलेस चिप डिजाइन उद्योग ( Fabless Chip Design Industry ) मेडिकल इलेक्ट्रॉनिक उपकरण उद्योग ( Medical Electronic Device Industry ) , ऑटोमोटिव इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग और मोबिलिटी एवं रणनीतिक इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग ( Mobility and Strategic ) के लिए पॉवर इलेक्ट्रॉनिक्स पर विशेष जोर दिया जाएगा |
  8. ईएसडीएम क्षेत्र में आईपी ( IPs ) के विकास एवं अधिग्रहण को बढ़ावा देने के लिए सॉवरेन पेटेंट फण्ड ( एसपीएफ ) बनाया जाएगा |
राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स नीति ( 2019 ) क्या है?
राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स नीति ( 2019 ) क्या है?

राष्ट्रीय सॉफ्टवेयर प्रोडक्ट नीति -2019

नई राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स नीति ( 2019 ) की घोषणा के एक सप्ताह बाद ही सॉफ्टवेयर उत्पादों के सम्बन्ध में भी नई राष्ट्रीय नीति – National Policy on Software Product – 2019 की घोषणा सरकार ने फरवरी 2019 में ही की है प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केन्द्रीय मंत्रिमंडल की 28 फरवरी , 2019 की बैठक में इसे मजूरी प्रदान की गई देश को सॉफ्टवेयर के एक बड़े केन्द्र के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से लाई गई इस नीति में इस क्षेत्र के लिए अनेक योजनाओं , पहलों एवं उपायों पर ध्यान केन्द्रित किया जाएगा , इसके लिए अगले 7 वर्षों के लिए ₹ 1500 करोड़ का परिव्यय फिलहाल निर्धारित किया गया है , जिसे दो निधियो- सॉफ्टवेयर प्रोडक्ट डेवलपमेंट फंड ( SPDF ) तथा रिसर्च एण्ड इनोवेशन फंड में विभाजित किया गया है | राष्ट्रीय सॉफ्टवेयर प्रोडक्ट नीति के विजन को प्राप्त करने के लिए निम्नलिखित पाँच मिशन निर्धारित किए गए है- 

  • वैश्विक सॉफ्टवेयर प्रोडक्ट मार्केट में भारत की हिस्सेदारी में वर्ष 2025 तक 10 गुना वृद्धि करना |
  • सॉफ्टवेयर प्रोडक्ट उद्योग में 10 हजार स्टार्ट अप्स को पोषित करना ( इनमें से 1000 ऐसी इकाइयाँ टियर II व टियर III शहरों में हो ) तथा वर्ष 2025 तक 35 लाख लोगों के लिए प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित करना |
  • सॉफ्टवेयर प्रोडक्ट इंडस्ट्री के लिए टेलेंट पूल तैयार करना |
  • इस उद्योग का क्लस्टर आधारित विकास करना |
  • नीति के कार्यान्वयन हेतु योजनाओं एवं कार्यक्रमों के विकास हेतु नेशनल सॉफ्टवेयर प्रोडक्ट्स मिशन ( National Software Products Mission ) की स्थापना की जाएगी , जिसमें सरकार के अतिरिक्त उद्योग व शिक्षाविदों की भागीदारी होगी . नई नीति को मंजूरी प्रदान करते हुए यह आशा सरकार ने व्यक्त की है कि इससे वर्ष 2025 तक देश में इस उद्योग का आकार 70-80 अरब डॉलर का हो सकेगा , जिसमें प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 35 लाख रोजगार होंगे |

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