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{**12वीं का रिजल्ट 2021 देखें यहाँ**} UP BOARD 12TH RESULT 2021 | upresults.nic.in  12TH / INTERMEDIATE RESULT 2021

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (यूपी बोर्ड 12वीं रिजल्ट 2021): यूपी बोर्ड की इंटरमीडिएट की परीक्षाएं 24 अप्रैल 2021 से 12 मई 2021 तक होनी थीं। इस बार यूपी बोर्ड 12वीं की परीक्षाएं कोरोना के चलते रद्द कर दी गईं। अब नए मापदंड के आधार पर रिजल्ट तैयार किया जा रहा है। बोर्ड 12वीं का रिजल्ट 31 जुलाई से पहले जारी कर सकता है। छात्र यूपी बोर्ड 12वीं रिजल्ट 2021 को KAMALDNP के लिंक www.kamaldnp.com पर चेक कर सकते हैं।

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उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UP Board) 12वीं रिजल्ट 2021:उत्तर प्रदेश बोर्ड की 12वीं क्लास के नतीजे इस महीने आखिर तक आ जाएंगे. कोरोना महामारी के बीच परीक्षा रद्द किये जाने की वजह से इस बार कोई भी स्टूडेंट फेल नहीं होगा और सौ फीसदी छात्र पास किये जाएंगे. यूपी बोर्ड की परीक्षाओं में शामिल होने के लिए इस साल 56 लाख से ज़्यादा स्टूडेंट्स ने आवेदन किया था. इनमे हाई स्कूल यानि दसवीं क्लास के 29 लाख 94 हज़ार तीन सौ बारह छात्र शामिल थे. यूपी बोर्ड के सौ सालों के इतिहास में यह पहला मौका होगा, जब बोर्ड की परीक्षा में कोई भी स्टूडेंट फेल नहीं होगा और सभी छात्र पास किये जाएंगे. KAMALDNP की टीम छात्रों तक सबसे पहले रिजल्ट पहुंचाने के लिए लगातार प्रयासरत है.

UP बोर्ड 12वीं परीक्षा से जुड़ी जानकारियाँ?

यूपी बोर्ड कक्षा बारहवीं की परीक्षाएं हुयी कैंसिल


कुछ अनियमित्ताओं की वजह से यूपी बोर्ड ने ईस्ट यूपी के कुछ जिलों की बारहवीं की परीक्षाएं कैंसिल कर दी थी. जिन जिलों के एग्जामिनेशन सेंटर्स पर परीक्षाएं कैंसिल की गयी उनके नाम हैं मऊ, गाज़ीपुर, बलिया, प्रयागराज और अलीगढ़. पहले कैंसिल परीक्षाएं इवनिंग शिफ्ट में आयोजित होनी थी लेकिन बाद में उनका समय बदलकर सुबह 8.00 से 11.15 कर दिया गया. यूपी बोर्ड की कक्षा बारहवीं की फिजिक्स और इंग्लिश की परीक्षा कैंसिल की गयी थी जो क्रमशः 20 और 26 फरवरी 2020 को आयोजित होनी थी. ये परीक्षाएं बाद में 12 मार्च को आयोजित होना तय हुई.

कोरोना वायरस के कारण परिणाम में देरी


यूपी बोर्ड की कक्षा बारहवीं की परीक्षा मार्च महीने के पहले हफ्ते में पूरी हो गयी थी लेकिन कोरोना और उसकी वजह से हुये लॉकडाउन के कारण परीक्षा परिणाम आने में समय लग रहा है. अगर सबकुछ पुरानी योजना के अनुसार चलता तो मई के पहले हफ्ते में परिणाम घोषित हो चुके होते.

फेक सर्कुलर ने मचायी खलबली


कोविड – 19 और उसके कारण उपजे हालातों ने बहुत से शरारती तत्वों को छात्रों का परेशान करने का मौका दे दिया. इसी क्रम में एक फेक सर्कुलर जबरदस्त तरीके से सोशल मीडिया पर वायरल हुआ जिसमें दावा किया गया कि कोरोना की वजह से इस साल यूपी बोर्ड कक्षा 12वीं का रिजल्ट डिक्लेयर नहीं करेगा. बिना रिजल्ट के ही सभी स्टूडेंट्स को प्रमोट कर दिया जायेगा. ऐसा इसलिये हुआ क्योंकि कोरोना की वजह से यूपी बोर्ड की कॉपियों की देख-रेख ठीक से नहीं हो पायी. यही नहीं सर्कुलर ने यहां तक घोषित कर दिया कि इस साल के 12वीं के रिजल्ट में किसी प्रकार के कोई अंक या सबजेक्ट वाइज स्कोर नहीं दिया होगा, केवल पास लिखा होगा. उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद के बैनर तले बना यह फेक नोटिस इस कदर फैला कि स्टूडेंट और अभिभावक चिंतिंत हो बोर्ड के पास पहुंच गये. स्थिति की गंभीरता को देखते हुये बोर्ड की चेयरमैन नीना श्रीवास्तव को आगे आकर यह साफ करना पड़ा कि बोर्ड ने ऐसा कोई नोटिस नहीं निकाला है. स्टूडेंट किसी धोखे में न आयें. यूपी बोर्ड की परीक्षाएं सफलतापूर्वक संपन्न करा ली गयी हैं और रिजल्ट भी नियमों के अनुसार ही निकलेगा. इस नोटिस में कही गयी सारी बातें मन-गढ़ंत और झूठी हैं.

डिप्टी सीएम ने जून के पहले हफ्ते में रिजल्ट आने की बात कही


उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा ने एक साक्षात्कार में कहा कि लॉकडउन के कारण कॉपी मूल्यांकन का कार्य बीच में ही रोक देना पड़ा था. तकरीबन 19 मार्च से कॉपियां चेक नहीं हो पायी थी. इसके बावजूद उन्होंने आशा जतायी कि जून के आखिरी हफ्ते तक कक्षा बारह का परीक्षा परिणाम घोषित किया जा सकता है. इस खबर से स्टूडेंट्स ने चैन की सांस ली जो पिछले कई समय से रिजल्ट की प्रतीक्षा में थे.

फेक सर्कुलर के बाद फोन कॉल स्कैम


पहले फेक सर्कुलर वायरल हुआ उसके बाद यूपी बोर्ड के दसवीं के स्टूडेंट्स के पास धोखाधड़ी वाली फोन कॉल्स आने लगीं, जिनमें पैसा लेकर अच्छे नंबरों से पास कराने की बात स्टूडेंट्स से कही गयी. यहां तक की ये फ्रॉड कॉल करने वालों ने स्टूडेंट्स को बैंक अकाउंट और आईएफएससी कोड तक बता दिया ताकि वे पैसा ट्रांसफर कर सकें. उन्होंने कहा कि बोर्ड के अधिकारियों को पैसा देकर जिन छात्रों के कम अंक आने की संभावना है, वे अपने अंक बढ़वा सकते हैं. ऐसी कॉल्स की संख्या बढ़ने पर स्टूडेंट्स और उनके पैरेंट्स ने बोर्ड से संपर्क किया तो सामने आया कि यह फोन कॉल्स केवल धांधली करने का तरीका हैं. बोर्ड ने एक नोटिस में साफ किया कि पैसा लेकर पास कराने या अंक बढ़ाने की बात सरासर गलत है. बोर्ड का कोई भी अधिकारी, शिक्षक, कोई भी इंप्लॉई ऐसे कार्यों में इनवॉल्व नहीं है. बोर्ड के नाम से अगर किसी के पास ऐसी कॉल आती है तो उसकी जानकारी सीधा पुलिस को दें और ऐसे किसी भी स्कैम में न फंसें.

कई बार बदली कॉपी मूल्यांकन की तारीखें


यूपी बोर्ड कक्षा बारह की कॉपी मूल्यांकन की तिथियों में कई बार बदलाव हुआ और अंततः 05 मई से यूपी के 20 जिले जो ग्रीन ज़ोन में आते हैं, वहां से मूल्यांकन कार्य प्रारंभ हुआ. सबसे पहले यूपी बोर्ड की कक्षा 12 की कॉपियों की चेकिंग 24 अप्रैल से आरंभ होनी थी जो लॉकडाउन के कारण स्थगित हुयी. इसके बाद 05 मई से कॉपी मूल्यांकन की बात सामने आयी. लेकिन शिक्षकों ने ऑरेंज और रेड जोन में कॉपी चेक करने से मना कर दिया. लगभग 3 करोड़ कॉपियों को 275 एग्जाम सेंटर्स में 1.47 लाख टीचर्स द्वारा चेक किया जाना था लेकिन जहां कोविड -19 के ज्यादा पेशेंट थे, वहां मूल्यांकन कार्य नहीं शुरू हो पाया. इस प्रकार यूपी के 55 जिलों में 05 मई से भी कॉपी चेकिंग का कार्य नहीं आरंभ हुआ. बोर्ड ने तय किया की ऑरेंज जोन में 12 मई से कॉपी चेकिंग आरंभ की जायेगी.

19 मई से कंटेंनमेंट ज़ोन में भी आरंभ हुआ मूल्यांकन कार्य


बोर्ड ऑफ हाई स्कूल एंड इंटरमीडिएट एजुकेशन, उत्तर प्रदेश ने कंटेंटमेंट ज़ोन के अंतर्गत आने वाले जिलों में कक्षा 12 की कॉपियों का मूल्यांकन कार्य 19 मई से आरंभ करने की बात कही. हालांकि बोर्ड ने साथ ही में यह निर्देश भी दिये हैं कि वे सेंटर्स जो रेड ज़ोन के अंतर्गत आते हैं, वहां अभी भी कॉपियां जांचने का कार्य नहीं होगा. न उन सेंटर्स पर कॉपियां जांची जायेंगी और न ही उन सेंटर्स से शिक्षकों को दूसरी जगह कॉपी जांचने के लिये बुलाया जायेगा. बोर्ड के इस फैसले के आने के बाद कॉपी जांचने वाले शिक्षकों में असंतोष व्याप्त है. उनका कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुये बोर्ड को यह फैसला नहीं लेना चाहिए. इसके बजाय शिक्षकों को छूट दी जानी चाहिए कि वे अपने घरों से ही मूल्यांकन कार्य करें. इस बारे में यूपी सरकार के शिक्षा विभाग की प्रमुख सचिव आराधना शुक्ला ने कहा कि मूल्यांकन कार्य लाल ज़िलों के अंतर्गत आने वाले केंद्रों में छोड़ दिया जाएगा लेकिन बाकी जगहों पर होगा.

यूपी बोर्ड रिजल्ट का लेटेस्ट अपडेट


सूत्रों के मुताबिक बोर्ड ने आधी से ज्यादा कॉपियों के मूल्यांकन का काम पूरा कर लिया है और बहुत जल्द कॉपियों की चेकिंग का काम पूरी तरह खत्म हो सकता है. इसके बाद रिजल्ट्स की घोषणा कर दी जाएगी. बोर्ड की सेक्रेटरी नीना श्रीवास्तव ने सभी जिलों के विद्यालय निरीक्षकों को पत्र लिखकर कहा है कि वे सील्ड कॉपियों को रीजनल सेटर भेजने के बजाय फिलहाल स्कूल में ही रखें.

कॉपियों का मूल्यांकन शुरू हुये काफी समय हो चुका है, जिसका लेटेस्ट अपडेट इस प्रकार है. ग्रीन जोन के कुल 20 में से 19 जिलों में कॉपियों का मूल्यांकन कार्य पूरा हो चुका है. इसके साथ ही ऑरेंज जोन के 36 में से 19 जिलों में मूल्यांकन कार्य पूरा कर लिया गया है. ओवरऑल जिलों की बात की जाये तो 75 जिलों में से कुल 38 जिलों में मूल्यांकन कार्य पूरा कर लिया गया है. अगर मूल्यांकन केंद्रों की अलग-अलग बात की जाये तो ग्रीन जोन में 63 में से 61, ऑरेंज जोन में 133 में से 100 और रेड जोन में 85 में से एक मूल्यांकन केंद्र पर काम पूरा हो चुका है. कुल मिलाकर प्रदेश में निर्धारित 281 मूल्यांकन केंद्रों में से कुल 162 मूल्यांकन केंद्रों पर मूल्यांकन कार्य पूरा कर लिया गया है.

जल्द ही आएगा रिजल्ट


यूपी बोर्ड की सचिव नीना श्रीवास्तव ने बताया कि ग्रीन जोन में 57,11,692 यानी कि 99.80% कॉपियों का मूल्यांकन पूरा किया जा चुका है. वहीं, ऑरेंज ज़ोन में 1,28,37,725 यानी 95.67% कॉपियों का मूल्यांकन पूरा हुआ है. रेड जोन की बात करें तो 47,19,122 यानी 52.39% मूल्यांकन कार्य पूरा हुआ है. कुल मिलाकर 2,32,68,539 यानी 82.66% कापियों का मूल्यांकन हो चुका है. रेड जोन को छोड़कर बाकी जगहों पर कॉपी मूल्यांकन का कार्य काफी तेजी से पूरा किया गया है. इस प्रकार 82 फीसदी से ज्यादा कॉपियों की चेकिंग का काम पूरा हो चुका है इसलिए माना जा रहा है कि जल्द ही रिजल्ट जारी किया जा सकता है. पहले भी इस बात के संकेत दिए जा चुके हैं कि जून मध्य तक यूपी बोर्ड का परीक्षा परिणाम घोषित किया जा सकता है.

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